लखनऊ। डीजीपी कार्यालय द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को आरटीआई में दिए गए अभिलेखों के अनुसार डीजीपी यूपी ओ पी सिंह तथा उनके कई अफसरों को आईजी अमिताभ से जान का खतरा है। अमिताभ ने अपने सेवा सम्बन्धी मामलों में आरटीआई में सूचना मांगी थी। डीजीपी कार्यालय ने उन्हें इस संबंध में जो नोटशीट दिए, उनमे कई स्थानों पर काली स्याही पुती हुई थी, जिनमे एडीजी कार्मिक और डीजीपी जैसे वरिष्ठ अफसर के हस्ताक्षर शामिल थे। अमिताभ ने इसे जानबूझ कर गलत सूचना देने की बात कहते हुए उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में शिकायत की। इस पर एडीजी कार्मिक एल वी अंटोनी देवकुमार ने बताया कि उन्हें गलत सूचना नहीं दी गयी है। बल्कि मात्र नोटशीट में अधिकारियों के नाम को उनकी सुरक्षा हितों के लिए अपठनीय बना दिया गया है। श्री देवकुमार ने कहा है कि यदि इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम और पहचान अमिताभ को बता दिया जायेगा तो उनका हित विपरीत रूप से प्रभावित किया जा सकता है। अतः उन्होंने आरटीआई एक्ट की धारा 8(1)(जी) में सूचना देने से मना कर दिया है। जिसमे संबंधित व्यक्ति की जान तथा शारीरिक सुरक्षा के मद्देनजर सूचना देने से मना किया जा सकता है।

लखनऊ से प्रेम शर्मा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here