लाॅक डाउन के दौरान जनसामान्य को सुविधायें देने के लिये की गई हैं जिले में व्यापक व्यवस्थायें- डीएम

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कासगंज: जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाष सिंह ने लाॅक डाउन के दौरान जनपद कासगंज में
  • कासगंज: जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाष सिंह ने लाॅक डाउन के दौरान जनपद कासगंज में सहायता, संसाधन एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुये बताया कि जनपद में अन्य प्रदेषों के सूचीबद्व कुल 127 श्रमिक/भट्ठा मजदूर पूर्व से निवासरत हैं, इनके भोजन आदि की व्यवस्था कराई गई है।

कासगंज: जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाष सिंह ने लाॅक डाउन के दौरान जनपद कासगंज में सहायता, संसाधन एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुये बताया कि जनपद में अन्य प्रदेषों के सूचीबद्व कुल 127 श्रमिक/भट्ठा मजदूर पूर्व से निवासरत हैं, इनके भोजन आदि की व्यवस्था कराई गई है। दैनिक कार्य कर जीवन यापन करने वाले, दिहाड़ी मजदूर, गरीब, असहाय एवं निर्बल वर्ग के व्यक्तियों, रिक्षा तांगा चालक, पटरी/ठेले, खोमचे वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर शासन की योजना के अनंुसार 31 मार्च 2020 तक शहरी क्षेत्र के 6557 श्रमिकों, ग्रामीण क्षेत्र के 4653 श्रमिकों एवं श्रम विभाग के पंजीकृत 5609 श्रमिकों के खातों में एक हजार रू0 प्रति व्यक्ति की दर से सहायता राषि प्रदान की गई है। इस प्रकार जिले में कुल 16,819 व्यक्तियों के खातों में एक करोड, 68 लाख, 19 हजार रू0 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से आये व्यक्तियों के क्वारेन्टाइन एवं आश्रय हेतु कुल 256 आश्रय स्थल, विद्यालयों में बनाये गये हैं। जहां व्यक्तियों के ठहरने, सोने एवं खानपान की व्यवस्था की गई है। यहां अधिकारी, कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई हैं। जिले के सभी 10 नगरीय क्षेत्रों में 12 शैल्टर होम बनाये गये हैं, जिनमें अब तक 2124 व्यक्तियों को रखा गया था। जिनमें बाहर के व्यक्ति जांच कराने के बाद जा चुके हैं, बाहर से आने वाले जनपद के निवासियों को उनके घरों में ही क्वारेंटाइन किया गया है। महाराष्ट्र के 4 लोग कासगंज शैल्टर होम में निवासरत हैं।
गरीब, असहाय, निर्बल वर्ग के व्यक्ति तथा दैनिक कार्य कर परिवार का भरण पोषण करने वाले व्यक्तियों को सूचीबद्व कर लिया गया है। जिनमें अन्त्योदय, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक, नगर के दिहाड़ी मजदूर, पात्र गृहस्थी वाले अत्यंत गरीब, दैनिक कार्य कर जीवनयापन करने वाले कुल 1 लाख, 03 हजार राषन कार्डधारकों को डोर टू डोर निःषुल्क खाद्यान्न दिये जाने की व्यवस्था की गई है। इस हेतु 61 लाख रू0 की धनराषि जारी की गई है। सुनिष्चित किया गया है कि जनपद में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। राषन डीलरों को निर्देषित किया गया है कि सेनेटाइजर एवं साबुन से हाथ धोने के बाद ही उपभोक्ताओं से पाॅष मषीन का उपयोग कराया जाये।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी 10 नगरीय निकायों एवं 02 स्वयंसेवियों द्वारा कुल 12 सामुदायिक किचिन से प्रतिदिन 4 हजार पैकेट भोजन तैयार किये जा रहे हैं। अब तक 16 हजार खाने के पैकेट गरीबों में निःषुल्क वितरित कराये जा चुके हैं। लाॅक डाउन के दौरान मनरेगा के कुल 47700 श्रमिकों के खातों में उनके मानदेय का 32 करोड़, 92 लाख, 54 हजार रू0 का भुगतान कर दिया गया है। लाॅक डाउन में जनसामान्य को दिक्कत न हो, इस हेतु 130 किराना स्टोर द्वारा आवष्यक सामग्री तथा 379 व्यक्तियों द्वारा हाथ ठेला के माध्यम से सब्जियों एवं 729 दूध विक्रेताओं द्वारा डोर टू डोर दूध की आपूर्ति की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि लाॅक डाउन के दौरान समस्त आवष्यक व्यवस्थायें की गई हैं, जिससे किसी भी व्यक्ति को आवष्यक वस्तुओं की आपूर्ति वाधित न हो तथा समस्त नागरिक अपने ही घरों में रह कर इस महामारी की चैन को ब्रेक कर सकें। जिससे सभी नागरिक व समाज सुरक्षित रहे। जनपद में स्थापित राहत कोष के बैंक खाते में अब तक दानदाताओं/महानुभावों द्वारा 8 लाख, 25 हजार रू0 की धनराषि प्रदान की गई है।
लाॅकडाउन के समय समस्याओं के निराकरण हेतु संयुक्त जिला चिकित्सालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष 8445154808 पर अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के फोन नं0 05744-272027 या 272028 अथवा व्हाट्सएप नं0 9528972258 पर संपर्क किया जा सकता है।

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