घर घर जाके खानों की डिलेवरी करना बन गया है घातक

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घर घर जाके खानों की डिलेवरी

कोरोना वायरस ने अब तक कई जानें ले ली है। अब ये कहना कठिन होगा कि ये उस वायरस की चरम सीमा है या अभी बहुत कुछ बाकी है।

देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने का अनुरोध देशवासियों से किया है। सरकारी सुरक्षाकर्मी,चिकित्सक और पत्रकार सिर्फ यही लोंगो को सड़क पर उतरने का आदेश है। ऐसे स्थिति में जरूरत का समान लोगों तक कठीनाई से पहुंच रहा था इसी काम को सरलता से करने के लिये भारत सरकार ने कुछ चुनिंदा फूड कंपनीयो को होम डिलेवरी की छुट दी है पर हाल ही मे एक डिलेवरी मैन को कोरोना संक्रमित पाया गया है अब जिन 72 लोगों को उसके द्वारा समान पहूंचाया गया उन्हें पुरा सपरिवार होम क्वारनटीन कर दिया गया है। डिलेवरी मैन ने पुष्टि किया की वो हाथ में ग्लव्स और मास्क पहनकर ही वितरण कर रहा था। इस तरह कोरोना से लड़ने के लिये उठाया गया कदम ही कोरोनावायरस को फैलाने में योगदान दे रहा है। देश के हित के लिए इस पहल को रोका नही जा सकता पर यह बहुत ही जरुरी है कि डेलिवरी मैन अपने स्वास्थ के अहमियता को समझते हुये पूरी सावधानी से अपने काम को अंजाम दे। समय समय पर हाथ को सनिटाइस करें और ग्लव्स को पहनने के बाद डिस्पोस करे हालांकी हर बार नये ग्लव्स को खरीदना गरीब कर्मचारियों के बजट में ना हो तो कंपनीयो को अपने कर्मचारियों के स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए उन्हे ग्लव्स मुहैया कराना चाहिए और काम खत्म होने के बाद डिलेवरी मैन को अपने घर जाने से पहले खुदको सनिटाइस करना चाहिए ताकी वो कोरोनावायरस को फैलाने का कारण ना बने।एक काम के लिए घर से कई लोग निकले इससे बेहतर ये होगा कि कोई एक इंसान तमाम एहतियात के साथ सबके घरों में होम डिलीवरी कर दे । इस कदम से सोशल डिसटेनसिंग का भी पूरी तरह से खयाल रखा जा सकता है।
तेजस्विता उपाध्याय , मऊ, ऊ0 प्र0

घर घर जाके खानों की डिलेवरी करना बन गया है घातक

कोरोना वायरस ने अब तक कई जानें ले ली है। अब ये कहना कठिन होगा कि ये उस वायरस की चरम सीमा है या अभी बहुत कुछ बाकी है।
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने का अनुरोध देशवासियों से किया है। सरकारी सुरक्षाकर्मी,चिकित्सक और पत्रकार सिर्फ यही लोंगो को सड़क पर उतरने का आदेश है। ऐसे स्थिति में जरूरत का समान लोगों तक कठीनाई से पहुंच रहा था इसी काम को सरलता से करने के लिये भारत सरकार ने कुछ चुनिंदा फूड कंपनीयो को होम डिलेवरी की छुट दी है पर हाल ही मे एक डिलेवरी मैन को कोरोना संक्रमित पाया गया है अब जिन 72 लोगों को उसके द्वारा समान पहूंचाया गया उन्हें पुरा सपरिवार होम क्वारनटीन कर दिया गया है। डिलेवरी मैन ने पुष्टि किया की वो हाथ में ग्लव्स और मास्क पहनकर ही वितरण कर रहा था। इस तरह कोरोना से लड़ने के लिये उठाया गया कदम ही कोरोनावायरस को फैलाने में योगदान दे रहा है। देश के हित के लिए इस पहल को रोका नही जा सकता पर यह बहुत ही जरुरी है कि डेलिवरी मैन अपने स्वास्थ के अहमियता को समझते हुये पूरी सावधानी से अपने काम को अंजाम दे। समय समय पर हाथ को सनिटाइस करें और ग्लव्स को पहनने के बाद डिस्पोस करे हालांकी हर बार नये ग्लव्स को खरीदना गरीब कर्मचारियों के बजट में ना हो तो कंपनीयो को अपने कर्मचारियों के स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए उन्हे ग्लव्स मुहैया कराना चाहिए और काम खत्म होने के बाद डिलेवरी मैन को अपने घर जाने से पहले खुदको सनिटाइस करना चाहिए ताकी वो कोरोनावायरस को फैलाने का कारण ना बने।एक काम के लिए घर से कई लोग निकले इससे बेहतर ये होगा कि कोई एक इंसान तमाम एहतियात के साथ सबके घरों में होम डिलीवरी कर दे । इस कदम से सोशल डिसटेनसिंग का भी पूरी तरह से खयाल रखा जा सकता है।
तेजस्विता उपाध्याय , मऊ, ऊ0 प्र0

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