पालघर मुद्दे पर नहीं हुई कारवाई तो 3 मई के बाद 1 लाख नागा साधु महाराष्ट्र कुच करेंगे : योगी देवनाथ

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पालघर मुद्दे पर नहीं हुई कारवाई
  • तेजस्विता उपाध्याय,मऊ: शनिवार की रात महाराष्ट्र के पालघर जिलें में एक अफवाह के चलते भीड़ ने दो संतो और उसके ड्राईवर की निर्दयता से मार मार के हत्या कर दी। इस घटना के चलते पुरे देश के धर्म गुरुओं में आक्रोश की ज्वाला धधक रही है।आखिल भारत साधु समाज के मेंबर योगी देवनाथ ने इस घटना पर ट्विटर के जरिए अपना रोष प्रकट किया है यहां तक कि उन्होंने सरकार को चुनौति दे दी है

आखिल भारत साधु समाज के मेंबर योगी देवनाथ ने इस घटना पर ट्विटर के जरिए अपना रोष प्रकट किया है यहां तक कि उन्होंने सरकार को चुनौति दे दी है की अगर पालघर मामलें में सख़्त कारवाई नही हुई तो 3 मई के बाद 1 लाख नागा साधु महाराष्ट्र कुच करेंगे जिसके परिणाम ठीक नहीं होगें। देवनाथ ने सरकार को चेताया है की वह इस बात को महज धमकी ना समझें। आपको बता दें कि महाराज कल्पवृक्ष गिरी (चिकना बाबा) योगी देवनाथ के बहुत ही अच्छे मित्र थे। आज पुरा संत समाज अपने दो साधुओं को इंसाफ दिलाने के लिए खुल कर सामने आ रहा है ।

क्या था मामला?

जूना अखाड़े के दो साधु महंत सुशील गिरी महाराज( 35 ), महंत चिकने महाराज कल्पवृक्ष गिरी(65) अपने ड्राइवर निलेश तेलगडे(30 ) के साथ मुंबई से गुजरात के सूरत में अपने साथी के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। तभी पालघर के एक गांव में गांव वालों ने इन्हें डकैत समझ कर पीट-पीटकर मार डाला। ये तीनों मुंबई के कांदिवली इलाके से मारुति ईको कार में सवार होकर सूरत निकले, जहां उनके साथी की मौत हो गई थी। दोनो साधुओं को ही उनका अंतिम संस्कार करना था। जब इनकी गाड़ी महाराष्ट्र-गुजरात बॉर्डर पर पहुंची तो पुलिस ने उन्हें रोक कर वापस भेज दिया। इसके बाद तीनों ने अंदरूनी जंगल वाले रास्ते से होकर आगे बढ़ना तय किया।

इस बीच पालघर जिले के कई गांवों में अफवाह फैल गई कि लॉकडाउन का फायदा उठाकर अपराधी तत्व बैखौफ होकर चोरी डकैती को अंजाम दे रहे हैं। लोगों का अपहरण कर उनकी किडनी निकाल रहे हैं। इस अफवाह के चलते गांव वालों ने बिना कुछ सोचे समझे इनकी गाड़ी देख इन पर हमला कर दिया और गाड़ी को पलट दिया।

पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने वहां पहुंचकर इन तीनों को अपनी गाड़ी में बैठाया लेकिन गांव वालों की भारी भीड़ के सामने पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम थी, इसलिए तीनों घायलों को छोड़कर पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने इन्हें पीट-पीटकर मार डाला

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