चीन से आया रैपिड टेस्ट किट हुआ फेल

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चीन से आया रैपिड टेस्ट किट हुआ फेल
  • राजस्थान सरकार ने शिकायत की थी कि केंद्र सरकार द्वारा कोरोनावायरस संक्रमितों की जाँच करने के लीये मुहैया कराई गई रैपिड टेस्ट किट से आने वाले परिणाम में भारी अंतर दर्ज किया गया है जो कि 6 % से 71 % तक है जिसकी पुष्टि आईसीएमआर ( इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ) ने तीन और राज्यों से की और फिलहाल रैपिड टेस्टिंग किट पर रोक लगा दी है ।

देश में कोरोना संक्रमितो का आकड़ा हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में जरूरी था की सरकार कोई ऐसी तकनीक अपनाए जिससे संक्रमित व्यक्तियों की जाँच जल्द से जल्द हो और उसी हिसाब से बिमारी से लड़ा जा सके क्योकिं जांच का पहला चरण आरटी-पीसीआर था जिसका रिजल्ट आने मे अच्छे खासे दिन लग जाते है और इसकी पुरी प्रक्रिया महंगी भी है। इसी सोच को लेकर सरकार ने इस महिने चीन से 6.5 लाख रैपिड टेस्टिंग किट खरीदें थे। टेस्ट किट में रक्त नमूने के ऊपर तीन बूंदें एक केमिकल की डाली जाती हैं। ठीक दस मिनट के बाद टेस्ट किट में परिणाम सामने आ जाता है।पर अब ये तरीका एक बड़ी विफलता के रूप में सामने आया है जिसके कारण इस टेस्टिंग किट पर 2 दिन क लिये रोक लगा है। हालांकि मिडिया के एक वर्ग ने चीन से लाये जा रहे टेस्टिंग किट पर सवाल उठाया था जिसे चीन ने यह कहकर नकार दिया की “चीन चिकित्सा उत्पादों के निर्यतों को बहुत महत्व देती है”। वर्तमान में इस मामलें से निपटने के लिये आईसीएमआर ( इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ) ने कदम उठाया है।
• आईसीएमआर के 8 इन्स्टीट्यूट फ़ील्ड में जायें और जो कीट्स है उसमें से लौट्स लेके, टेस्ट करके वैलिडेसन करने की कोशिश करें। आपको बता दें कि ये वैलिडेसन लैब के जगह फ़ील्ड में ही होगा ।सरकार ने दक्षिण कोरिया तथा फ्रांस देशों से अच्छी टेस्टिंग किट की मांग की है।बीते मंगलवार को राजस्थान और पंजाब सरकार ने निर्णय लिया कि राजस्थान और पंजाब में रैपिड टेस्ट किट से हो रही जांच पर तत्काल रोक लगाई जाए
वर्तमान में सरकार को वापिस अपने पुराने विकल्प से ही टेस्टिंग शुरु कराना होगा जो की आरटी-पीसीआर है।पर बहुत आवश्यक है की सरकार इस महामारी से निपटने के लिए और मजबूत होकर आगे आये। उन्हे ऐसे देशों से मसवरा एवं मदद लेनी होगी जो कोरोनवायरस को मात देने के कगार पर हैं और उनके अपनाये तरीकों को देश में परचित करना चाहिये।
तेजस्विता उपाध्याय, मऊ

चीन से आया रैपिड टेस्ट किट हुआ फेल

राजस्थान सरकार ने शिकायत की थी कि केंद्र सरकार द्वारा कोरोनावायरस संक्रमितों की जाँच करने के लीये मुहैया कराई गई रैपिड टेस्ट किट से आने वाले परिणाम में भारी अंतर दर्ज किया गया है जो कि 6 % से 71 % तक है जिसकी पुष्टि आईसीएमआर ( इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ) ने तीन और राज्यों से की और फिलहाल रैपिड टेस्टिंग किट पर रोक लगा दी है ।
देश में कोरोना संक्रमितो का आकड़ा हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में जरूरी था की सरकार कोई ऐसी तकनीक अपनाए जिससे संक्रमित व्यक्तियों की जाँच जल्द से जल्द हो और उसी हिसाब से बिमारी से लड़ा जा सके क्योकिं जांच का पहला चरण आरटी-पीसीआर था जिसका रिजल्ट आने मे अच्छे खासे दिन लग जाते है और इसकी पुरी प्रक्रिया महंगी भी है। इसी सोच को लेकर सरकार ने इस महिने चीन से 6.5 लाख रैपिड टेस्टिंग किट खरीदें थे। टेस्ट किट में रक्त नमूने के ऊपर तीन बूंदें एक केमिकल की डाली जाती हैं। ठीक दस मिनट के बाद टेस्ट किट में परिणाम सामने आ जाता है।पर अब ये तरीका एक बड़ी विफलता के रूप में सामने आया है जिसके कारण इस टेस्टिंग किट पर 2 दिन क लिये रोक लगा है। हालांकि मिडिया के एक वर्ग ने चीन से लाये जा रहे टेस्टिंग किट पर सवाल उठाया था जिसे चीन ने यह कहकर नकार दिया की “चीन चिकित्सा उत्पादों के निर्यतों को बहुत महत्व देती है”। वर्तमान में इस मामलें से निपटने के लिये आईसीएमआर ( इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ) ने कदम उठाया है।
• आईसीएमआर के 8 इन्स्टीट्यूट फ़ील्ड में जायें और जो कीट्स है उसमें से लौट्स लेके, टेस्ट करके वैलिडेसन करने की कोशिश करें। आपको बता दें कि ये वैलिडेसन लैब के जगह फ़ील्ड में ही होगा ।सरकार ने दक्षिण कोरिया तथा फ्रांस देशों से अच्छी टेस्टिंग किट की मांग की है।बीते मंगलवार को राजस्थान और पंजाब सरकार ने निर्णय लिया कि राजस्थान और पंजाब में रैपिड टेस्ट किट से हो रही जांच पर तत्काल रोक लगाई जाए
वर्तमान में सरकार को वापिस अपने पुराने विकल्प से ही टेस्टिंग शुरु कराना होगा जो की आरटी-पीसीआर है।पर बहुत आवश्यक है की सरकार इस महामारी से निपटने के लिए और मजबूत होकर आगे आये। उन्हे ऐसे देशों से मसवरा एवं मदद लेनी होगी जो कोरोनवायरस को मात देने के कगार पर हैं और उनके अपनाये तरीकों को देश में परचित करना चाहिये।
तेजस्विता उपाध्याय, मऊ

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