जिले में गौवंशों को न हो चारे की समस्या-डीएम

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जिले में गौवंशों को न हो चारे
  • गौवंशों के लिये अधिक से अधिक भूसा दान करें।
  • कासगंज: जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने कहा कि जिले के समस्त स्थायी व अस्थायी गौवंश संरक्षण आश्रय स्थलों को भी नियमित चैक किया जाये। गौवंशों के संरक्षण एवं उनके खानपान का पूरा ध्यान रखा जाये।

गौवंशों को कहीं भी चारे, पेयजल आदि की समस्या नहीं होनी चाहिये। जिलाधिकारी ने समस्त स्वयंसेवी सामाजिक संगठनों, कृषकों एवं जनसामान्य से अपील की है कि गौवंश आश्रय स्थलों को अधिक से अधिक मात्रा में भूसा दान कर पुण्य कमायें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 ए0के0सागर ने निर्देशों के अनुपालन में सिंचाई विभाग के डाक बंगला स्थित गौवंश आश्रय स्थल अमांपुर का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। यहां वर्तमान में 199 गौवंश संरक्षित है। पेयजल हेतु तीनों टंकी पानी से भरी मिलीं।ं यहां अभी पर्याप्त भूसा उपलब्ध है, 04 व्यक्ति गौवंशों की देखभाल हेतु तैनात हैं। ग्राम प्रधान लख्मीपुर द्वारा भी गौशाला की व्यवस्थाओं को ठीक बताया गया। पशु चिकित्साधिकारी अमांपुर को निर्देशित किया गया कि नियमित गौशाला का भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखें ताकि संरक्षित गौवंश स्वस्थ रहें।

जिले में गौवंशों को न हो चारे की समस्या-डीएम
गौवंशों के लिये अधिक से अधिक भूसा दान करें।
कासगंज: जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने कहा कि जिले के समस्त स्थायी व अस्थायी गौवंश संरक्षण आश्रय स्थलों को भी नियमित चैक किया जाये। गौवंशों के संरक्षण एवं उनके खानपान का पूरा ध्यान रखा जाये। गौवंशों को कहीं भी चारे, पेयजल आदि की समस्या नहीं होनी चाहिये। जिलाधिकारी ने समस्त स्वयंसेवी सामाजिक संगठनों, कृषकों एवं जनसामान्य से अपील की है कि गौवंश आश्रय स्थलों को अधिक से अधिक मात्रा में भूसा दान कर पुण्य कमायें।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 ए0के0सागर ने निर्देशों के अनुपालन में सिंचाई विभाग के डाक बंगला स्थित गौवंश आश्रय स्थल अमांपुर का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। यहां वर्तमान में 199 गौवंश संरक्षित है। पेयजल हेतु तीनों टंकी पानी से भरी मिलीं।ं यहां अभी पर्याप्त भूसा उपलब्ध है, 04 व्यक्ति गौवंशों की देखभाल हेतु तैनात हैं। ग्राम प्रधान लख्मीपुर द्वारा भी गौशाला की व्यवस्थाओं को ठीक बताया गया। पशु चिकित्साधिकारी अमांपुर को निर्देशित किया गया कि नियमित गौशाला का भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखें ताकि संरक्षित गौवंश स्वस्थ रहें।

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