आई.आई.टी दिल्ली ने तैयार कर ली है सबसे सस्ती कोविड19 परीक्षण किट

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आई.आई.टी दिल्ली ने तैयार
  • तेजस्विता उपाध्याय।। भारत में कोरोनावायरस का आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है वही चीन से आयी टेस्टिंग किट के असफलता के बाद लोगों में तनाव की स्थिति पैदा हो गयी थी ऐसे में चैन की सांस लेने वाली खबर आई। आई.आई.टी दिल्ली के कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस के लिए एक परीक्षण किट विकसित की है।
  • इस किट को आईसीएमआर द्वारा अनुमोदित कर दिया गया हैं जो कि जल्द बाज़ारों में उपलब्ध होंगी और यह किट सटीक परिणाम देने का दावा भी करती हैं।

कोरोना का जो टेस्ट अब तक 4500 रुपये में हो रहा था, अब वह महज 750 से 800 रुपये में मुमकिन हो पाएगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पैथोलॉजी ने भी इसका सफल परीक्षण कर लिया है।
इस किट के आविष्कार से कोरोनावायरस से जल्द से जल्द निपटा जा सकता है।यह किट सिर्फ थूक से ही कोरोना संक्रमण का पहचान कर लेगा। अभी तक उपलब्ध टेस्टिंग किट केवल कोरोना के वायरस की ही नहीं बल्कि कई अन्य वायरसों की भी पहचान कर लेती है। इसके चलते कई बार वह दूसरे वायरस का संक्रमण पहचान कर पॉजिटिव परिणाम दिखा देती हैं और कोरोनो के संक्रमण का परिणाम निगेटिव दिखाई देने लगता है। इस तरह से परिणाम गलत हो जाता है पर आईआईटी दिल्ली की तैयार की गई डिवाइस केवल कोरोना के वायरस की पहचान करने में सक्षम है। टीम ने कोरोना के वायरस के एक ऐसे गुण की पहचान कर ली है जो अन्य वायरस में बिल्कुल नहीं पाया जाता है। यह डिवाइस कोरोना के इसी गुण की परख के आधार पर लगभग पूर्ण सही परिणाम दे सकती हैइस किट को बनाने की टीम में प्रशांत प्रधान (पीएचडी स्कॉलर), आशुतोष पांडे (पीएचडी स्कॉलर), प्रवीण त्रिपाठी (पीएचडी स्कॉलर), डॉ। अखिलेश मिश्रा, डॉ पारुल गुप्ता, डॉ सोनम धमीजा, प्रो विवेकानंदन पेरुमल, प्रो मनोज शामिल हैं।इसके अलावा प्रो बिस्वजीत कुंडू और प्रो जेम्स गोम्स आदि का नाम भी शामिल हैआपको बता दे कि, मौजूदा वक्त में भारत में कोविड-19 की टेस्टिंग का दर 224/10,00,000 हैं और ऐसे में आईआईटी दिल्ली द्वारा बनाई गई टेस्ट किट्स एक हफ़्ते में 50,000 टेस्ट का दावा कर रही हैं। यह उपाय सस्ता भी है और वैज्ञानिकों द्वारा अच्छा भी घोषित किया जा रहा है।इस किट की सफलता से भारत को अन्य देशों में एक आदर्श के रूप में देखा जायेगा ।

आई.आई.टी दिल्ली ने तैयार कर ली है सबसे सस्ती कोविड19 परीक्षण किट

तेजस्विता उपाध्याय।। भारत में कोरोनावायरस का आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है वही चीन से आयी टेस्टिंग किट के असफलता के बाद लोगों में तनाव की स्थिति पैदा हो गयी थी ऐसे में चैन की सांस लेने वाली खबर आई। आई.आई.टी दिल्ली के कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस के लिए एक परीक्षण किट विकसित की है।
इस किट को आईसीएमआर द्वारा अनुमोदित कर दिया गया हैं जो कि जल्द बाज़ारों में उपलब्ध होंगी और यह किट सटीक परिणाम देने का दावा भी करती हैं। कोरोना का जो टेस्ट अब तक 4500 रुपये में हो रहा था, अब वह महज 750 से 800 रुपये में मुमकिन हो पाएगा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पैथोलॉजी ने भी इसका सफल परीक्षण कर लिया है।
इस किट के आविष्कार से कोरोनावायरस से जल्द से जल्द निपटा जा सकता है।यह किट सिर्फ थूक से ही कोरोना संक्रमण का पहचान कर लेगा। अभी तक उपलब्ध टेस्टिंग किट केवल कोरोना के वायरस की ही नहीं बल्कि कई अन्य वायरसों की भी पहचान कर लेती है। इसके चलते कई बार वह दूसरे वायरस का संक्रमण पहचान कर पॉजिटिव परिणाम दिखा देती हैं और कोरोनो के संक्रमण का परिणाम निगेटिव दिखाई देने लगता है। इस तरह से परिणाम गलत हो जाता है पर आईआईटी दिल्ली की तैयार की गई डिवाइस केवल कोरोना के वायरस की पहचान करने में सक्षम है। टीम ने कोरोना के वायरस के एक ऐसे गुण की पहचान कर ली है जो अन्य वायरस में बिल्कुल नहीं पाया जाता है। यह डिवाइस कोरोना के इसी गुण की परख के आधार पर लगभग पूर्ण सही परिणाम दे सकती हैइस किट को बनाने की टीम में प्रशांत प्रधान (पीएचडी स्कॉलर), आशुतोष पांडे (पीएचडी स्कॉलर), प्रवीण त्रिपाठी (पीएचडी स्कॉलर), डॉ। अखिलेश मिश्रा, डॉ पारुल गुप्ता, डॉ सोनम धमीजा, प्रो विवेकानंदन पेरुमल, प्रो मनोज शामिल हैं।इसके अलावा प्रो बिस्वजीत कुंडू और प्रो जेम्स गोम्स आदि का नाम भी शामिल हैआपको बता दे कि, मौजूदा वक्त में भारत में कोविड-19 की टेस्टिंग का दर 224/10,00,000 हैं और ऐसे में आईआईटी दिल्ली द्वारा बनाई गई टेस्ट किट्स एक हफ़्ते में 50,000 टेस्ट का दावा कर रही हैं। यह उपाय सस्ता भी है और वैज्ञानिकों द्वारा अच्छा भी घोषित किया जा रहा है।इस किट की सफलता से भारत को अन्य देशों में एक आदर्श के रूप में देखा जायेगा ।

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