अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों को भी अपने घर पहुंचने की उम्मीद

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों
  • अलीगढ़। कोटा में फंसे छात्रों को अपने-अपने घरों पर बुलाए जाने की पहल के बाद अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों को भी अपने घर पहुंचने की उम्मीद हो चली है। खासतौर से वे छात्र जिनकी सत्र परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और उन्हें गर्मियों की छुट्टियों में घर जाना था, ऐसे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रार्थना पत्र लिखकर अपने नाम घर जाने वाले छात्रों की सूची में शामिल करने का आवेदन करना शुरू कर दिया है।

मार्च महीने में लॉक डाउन की घोषणा के बाद ही एएमयू में छात्रावास में रह कर पढ़ रहे विद्यार्थियों में अपने अपने घरों को जाना शुरू कर दिया था । एएमयू के छात्रावासों में 13000 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। इस समय 4000 से अधिक विद्यार्थी छात्रावास में है। यह वह छात्र हैं जो ट्रेन न चलने की वजह से और जिले की सीमाएं सील हो जाने की वजह से अपने अपने घरों को नहीं जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन इनके भोजन की व्यवस्था कर रहा है। अब जबकि लॉक डाउन में फंसे हुए लोगों को उनके उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है और राज्य सरकार इसकी व्यवस्था कर रही है, तो अब इन छात्रों को भी अपने घर पहुंचने की उम्मीद हो चली है। इससे पहले छात्रों के आग्रह पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को उनके घर पहुंचाने की पहल की थी। लेकिन उस समय राज्य सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। जो छात्र इस समय छात्रावासों में हैं उनमें अधिकांश छात्र बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कश्मीर आदि प्रदेशों के हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारों के दिशा निर्देश के अनुपालन में जो भी व्यवस्थाएं करने के लिए कहा जाएगा वह की जाएंगी।

अलीगढ़। कोटा में फंसे छात्रों को अपने-अपने घरों पर बुलाए जाने की पहल के बाद अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों को भी अपने घर पहुंचने की उम्मीद हो चली है। खासतौर से वे छात्र जिनकी सत्र परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और उन्हें गर्मियों की छुट्टियों में घर जाना था, ऐसे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रार्थना पत्र लिखकर अपने नाम घर जाने वाले छात्रों की सूची में शामिल करने का आवेदन करना शुरू कर दिया है। मार्च महीने में लॉक डाउन की घोषणा के बाद ही एएमयू में छात्रावास में रह कर पढ़ रहे विद्यार्थियों में अपने अपने घरों को जाना शुरू कर दिया था । एएमयू के छात्रावासों में 13000 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। इस समय 4000 से अधिक विद्यार्थी छात्रावास में है। यह वह छात्र हैं जो ट्रेन न चलने की वजह से और जिले की सीमाएं सील हो जाने की वजह से अपने अपने घरों को नहीं जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन इनके भोजन की व्यवस्था कर रहा है। अब जबकि लॉक डाउन में फंसे हुए लोगों को उनके उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है और राज्य सरकार इसकी व्यवस्था कर रही है, तो अब इन छात्रों को भी अपने घर पहुंचने की उम्मीद हो चली है। इससे पहले छात्रों के आग्रह पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को उनके घर पहुंचाने की पहल की थी। लेकिन उस समय राज्य सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। जो छात्र इस समय छात्रावासों में हैं उनमें अधिकांश छात्र बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कश्मीर आदि प्रदेशों के हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारों के दिशा निर्देश के अनुपालन में जो भी व्यवस्थाएं करने के लिए कहा जाएगा वह की जाएंगी।

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