इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने विज्ञप्ति जारी कर छात्रों से छात्रावास खाली करने का किया निवेदन

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने विज्ञप्ति
  • तेजस्विता उपाध्याय ।। लॉकडाउन में कई प्रवासी मजदूर और घर से दूर पढ़ाई कर रहे छात्र जहां तहां फंसे है। प्रदेशवासियों को उनके घर पहुंचाने का जिम्मा सीएम आदित्यनाथ योगी ने लिया है। इससे प्रयागराज में भी फंसे छात्र और छात्राओं के चेहरे खिल उठे हैं। इस निर्णय के बाद प्रयागराज की सुनसान सड़कों पर सोमवार की रात से आवाजाही बढ़ गई है। सड़कों पर छात्र-छात्राओं की भीड़ नजर आने लगी है।इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने भी विज्ञप्ति जारी कर छात्रों से छात्रावास खाली करने को कह दिया है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपने छात्रावास में ठहरे हुए छात्रों से निवेदन किया है की वह जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था अनुसार शीघ्रातीशीघ्र अपने अपने गृह-जनपद प्रस्थान करें। विश्वविद्यालय के प्रशासन ने यह फ़ैसला छात्रहित में लिया है। क्योंकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए शिक्षण संस्थान बंद है और आगे भी बंद रहने की संभावना है जिसके कारण छात्रों का अपने घर चले जाना ही उपर्युक्त निर्णय होगा। आपको बता दें कि शहर में कुल 20 हज़ार छात्र छात्राएं फंसे है और सरकार द्वारा उनकों बसों से गंतव्‍य तक भेजा जा रहा है।छात्रों को पहुंचाने के दौरान उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए हर जनपद के लिए अलग मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैैं। एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया को नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ ही सीडीओ, तीन एडीएम, सीआरओ को भी लगाया गया है। सरकार के द्वारा काम पर लगे इन बसों से अपने घर जा सकेंगे, जो शहर में फंसे हैैं। सरकार ने कोटा की तरह ही प्रयागराज में पढ़ाई कर रहे 10 हजार छात्र-छात्राओं को उनके गृह जनपदों में पहुंचाने का निर्णय लिया है। सीएम के निर्देश पर प्रयागराज प्रशासन ने इसकी व्यवस्था की है। सोमवार की रात से विभिन्न जिलों के लिए बसों से छात्रों को भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। स्वास्थ्य मानकों के पालन के लिए सीएम ने हर जिले में 15 से 25 हजार क्षमता वाले क्वारंटाइन सेंटर बनाने का निर्देश दिया है। दुसरे राज्यों में फंसे मजदूर और छात्र निम्न दिये गए नंबर पर संपर्क कर सरकार के सहायता का लाभ उठा सकतें हैं।
इन नंबरों पर करें संपर्क
0532-2641577
0532-2641578
7458825340

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने विज्ञप्ति जारी कर छात्रों से छात्रावास खाली करने का किया निवेदन

तेजस्विता उपाध्याय ।। लॉकडाउन में कई प्रवासी मजदूर और घर से दूर पढ़ाई कर रहे छात्र जहां तहां फंसे है। प्रदेशवासियों को उनके घर पहुंचाने का जिम्मा सीएम आदित्यनाथ योगी ने लिया है। इससे प्रयागराज में भी फंसे छात्र और छात्राओं के चेहरे खिल उठे हैं। इस निर्णय के बाद प्रयागराज की सुनसान सड़कों पर सोमवार की रात से आवाजाही बढ़ गई है। सड़कों पर छात्र-छात्राओं की भीड़ नजर आने लगी है।इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने भी विज्ञप्ति जारी कर छात्रों से छात्रावास खाली करने को कह दिया है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपने छात्रावास में ठहरे हुए छात्रों से निवेदन किया है की वह जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था अनुसार शीघ्रातीशीघ्र अपने अपने गृह-जनपद प्रस्थान करें। विश्वविद्यालय के प्रशासन ने यह फ़ैसला छात्रहित में लिया है। क्योंकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए शिक्षण संस्थान बंद है और आगे भी बंद रहने की संभावना है जिसके कारण छात्रों का अपने घर चले जाना ही उपर्युक्त निर्णय होगा। आपको बता दें कि शहर में कुल 20 हज़ार छात्र छात्राएं फंसे है और सरकार द्वारा उनकों बसों से गंतव्‍य तक भेजा जा रहा है।छात्रों को पहुंचाने के दौरान उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए हर जनपद के लिए अलग मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैैं। एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया को नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ ही सीडीओ, तीन एडीएम, सीआरओ को भी लगाया गया है। सरकार के द्वारा काम पर लगे इन बसों से अपने घर जा सकेंगे, जो शहर में फंसे हैैं। सरकार ने कोटा की तरह ही प्रयागराज में पढ़ाई कर रहे 10 हजार छात्र-छात्राओं को उनके गृह जनपदों में पहुंचाने का निर्णय लिया है। सीएम के निर्देश पर प्रयागराज प्रशासन ने इसकी व्यवस्था की है। सोमवार की रात से विभिन्न जिलों के लिए बसों से छात्रों को भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। स्वास्थ्य मानकों के पालन के लिए सीएम ने हर जिले में 15 से 25 हजार क्षमता वाले क्वारंटाइन सेंटर बनाने का निर्देश दिया है। दुसरे राज्यों में फंसे मजदूर और छात्र निम्न दिये गए नंबर पर संपर्क कर सरकार के सहायता का लाभ उठा सकतें हैं।
इन नंबरों पर करें संपर्क
0532-2641577
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