प्रधानमंत्री द्वारा गमछा पहनने का असर बीबीएनवासियों में भी दिखा  लोगोंको गमछा मफलर भाया 

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प्रधानमंत्री द्वारा गमछा पहनने
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की तर्ज पर बीबीएन वासियो ने भी गमछा मफलर का पहनना  शुरु कर दिया है । गौरतलब है क 130 करोड़ की आबादी वाले देश में हर वर्ग मास्क नहीं खरीद सकता  तथा सरकार के लिए मास्क उपलब्ध करवाना भी संभव नहीं है

इसी की तर्ज पर बीबीन में भी प्रधानमंत्री व वीआईपी की तर्ज पर गमछा पहनने का प्रयोग लोगों द्वारा किया जाने लगा है । उक्त बात तब चरितार्थ हुई जब अमित सिंगला वेलफेयर सोसाइटी के एम डी सुमित सिंगला की मौजूदगी में कुछ लोगों  व सोसाइटी सदस्यों ने आज गमछा पहने का संकल्प लिया वह कहा कि महिलाएं रुमाल व चुनरी का प्रयोग करें तथा पुरुष वर्ग को गमछे का प्रयोग करना चाहिए।। कहा कि रुमाल व मफलर को हम दोबारा धोकर प्रयोग मे ल सकते हैं जबकि मास्क को पुनः प्रयोग मे नही लाया जा सकता। उन्होंने बताया कि बाजार में बिकने वाले मास्क में जर्म्स रह जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए घातक है यही नहीं कुछ लोग चमड़े का मास्क भी प्रयोग कर रहे हैं वह सही नहीं है क्योंकि उससे ऑक्सीजन ले पाना मुश्किल है तथा व्यक्ति की जान तक जा सकती है। उन्होंने जनता का आह्वान किया है कि देश के नेतृत्व के जीवन से प्रेरणा लेकर सबको महामारी के इस दौर मे अपना मफलर , चुनरी और मास्क का प्रयोग करना चाहिए ताकि करो ना महामारी से बचाव हो सके व इस दौरान देश में सामान्य जीवन व्यतीत कर लोग अपनी भूमिका अदा कर सकें।

प्रधानमंत्री द्वारा गमछा पहनने का असर बीबीएनवासियों में भी दिखा 

लोगोंको गमछा मफलर भाया 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की तर्ज पर बीबीएन वासियो ने भी गमछा मफलर का पहनना  शुरु कर दिया है । गौरतलब है क 130 करोड़ की आबादी वाले देश में हर वर्ग मास्क नहीं खरीद सकता  तथा सरकार के लिए मास्क उपलब्ध करवाना भी संभव नहीं है । इसी की तर्ज पर बीबीन में भी प्रधानमंत्री व वीआईपी की तर्ज पर गमछा पहनने का प्रयोग लोगों द्वारा किया जाने लगा है । उक्त बात तब चरितार्थ हुई जब अमित सिंगला वेलफेयर सोसाइटी के एम डी सुमित सिंगला की मौजूदगी में कुछ लोगों  व सोसाइटी सदस्यों ने आज गमछा पहने का संकल्प लिया वह कहा कि महिलाएं रुमाल व चुनरी का प्रयोग करें तथा पुरुष वर्ग को गमछे का प्रयोग करना चाहिए।। कहा कि रुमाल व मफलर को हम दोबारा धोकर प्रयोग मे ल सकते हैं जबकि मास्क को पुनः प्रयोग मे नही लाया जा सकता। उन्होंने बताया कि बाजार में बिकने वाले मास्क में जर्म्स रह जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए घातक है यही नहीं कुछ लोग चमड़े का मास्क भी प्रयोग कर रहे हैं वह सही नहीं है क्योंकि उससे ऑक्सीजन ले पाना मुश्किल है तथा व्यक्ति की जान तक जा सकती है। उन्होंने जनता का आह्वान किया है कि देश के नेतृत्व के जीवन से प्रेरणा लेकर सबको महामारी के इस दौर मे अपना मफलर , चुनरी और मास्क का प्रयोग करना चाहिए ताकि करो ना महामारी से बचाव हो सके व इस दौरान देश में सामान्य जीवन व्यतीत कर लोग अपनी भूमिका अदा कर सकें।

Chamba se anwar hussain

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