तेलंगाना से झारखंड तक चली पहली स्पेशल ट्रेन,1200 प्रवासियों की हुई घर वापसी

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तेलंगाना से झारखंड तक चली
  • तेजस्विता उपाध्यया कोरोना से लड़ने के लिये देश भर में लॉकडाउन जारी है ।लॉकडाउन के चलते सभी प्रवासी मजदूर जहां तहां फंसे रह गए।मजदूरो को घर पहुँचाने के लिए सरकार ने तेलंगाना से झारखंड तक पहले स्पेशल ट्रेन खोल दी। शुक्रवार की सुबह स्पेशल ट्रेन ने 1200 मजदूरों को झारखंड उतारेगी।

अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और सैलानियों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार समेत 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है। मुख्यमंत्रियों ने कहा कि संक्रमण फैलने के डर से लाखों लोगों को बसों में लेकर आना मुश्किल है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टर अमरिंदर सिंह ने कहा कि लाखों लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए केंद्र को ट्रेनें चलानी होंगी।राज्य सरकार के अनुसार झारखंड के तकरीबन 9 लाख लोग दूसरे राज्यों में फंसे हैं, जिसमे से 6.43 लाख प्रवासी मजदूर हैं और बाकी लोग नौकरी व अन्य काम के वजह से हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि मजदूर जहां हैं, वहां ही रुकें जल्दबाजी ना करें, राज्य सरकार की ओर से बसें वहां पर ही भेजी जाएंगी।24 डिब्बों की इस ट्रेन में 1200 मजदूरों को लेकर पहली ट्रेन झारखंड के लिए रवाना हो गई । यह ट्रेन लिंगमपल्ली से शुक्रवार सुबह 4:50 बजे रवाना हुई। यह झारखंड के हटिया रात 11 बजे पहुंचेगी। बताया गया है कि इन मजदूरों को भेजने में क्वारैंटाइन से लेकर सभी जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। 25 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद से चलने वाली यह पहली ट्रेन है। हालांकि अभी और ऐसी कितनी ट्रेनें चलेगी इसकी कोई जानकरी प्राप्त नहीं हुई हैं। बुधवार को भारत सरकार ने राज्यों/केन्द्र शासित राज्यों के क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए अंतरराज्यीय यात्रा की सुविधा के लिए आदेश जारी किया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स के बाद देशभर के अलग-अलग हिस्सों में फंसे मजदूर, विद्यार्थी, पर्यटकों और मरीज आदि के लिए अपने-अपने घर जाने का रास्ता साफ हो गया, मगर ये खुद से नहीं जा सकेंगे, बल्कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लोगों को लाने-ले जाने की अनुमति दी है।

तेलंगाना से झारखंड तक चली पहली स्पेशल ट्रेन,1200 प्रवासियों की हुई घर वापसी

तेजस्विता उपाध्यया ।।कोरोना से लड़ने के लिये देश भर में लॉकडाउन जारी है ।लॉकडाउन के चलते सभी प्रवासी मजदूर जहां तहां फंसे रह गए।मजदूरो को घर पहुँचाने के लिए सरकार ने तेलंगाना से झारखंड तक पहले स्पेशल ट्रेन खोल दी। शुक्रवार की सुबह स्पेशल ट्रेन ने 1200 मजदूरों को झारखंड उतारेगी।
अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और सैलानियों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार समेत 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है। मुख्यमंत्रियों ने कहा कि संक्रमण फैलने के डर से लाखों लोगों को बसों में लेकर आना मुश्किल है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टर अमरिंदर सिंह ने कहा कि लाखों लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए केंद्र को ट्रेनें चलानी होंगी।राज्य सरकार के अनुसार झारखंड के तकरीबन 9 लाख लोग दूसरे राज्यों में फंसे हैं, जिसमे से 6.43 लाख प्रवासी मजदूर हैं और बाकी लोग नौकरी व अन्य काम के वजह से हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि मजदूर जहां हैं, वहां ही रुकें जल्दबाजी ना करें, राज्य सरकार की ओर से बसें वहां पर ही भेजी जाएंगी।24 डिब्बों की इस ट्रेन में 1200 मजदूरों को लेकर पहली ट्रेन झारखंड के लिए रवाना हो गई । यह ट्रेन लिंगमपल्ली से शुक्रवार सुबह 4:50 बजे रवाना हुई। यह झारखंड के हटिया रात 11 बजे पहुंचेगी। बताया गया है कि इन मजदूरों को भेजने में क्वारैंटाइन से लेकर सभी जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। 25 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद से चलने वाली यह पहली ट्रेन है। हालांकि अभी और ऐसी कितनी ट्रेनें चलेगी इसकी कोई जानकरी प्राप्त नहीं हुई हैं। बुधवार को भारत सरकार ने राज्यों/केन्द्र शासित राज्यों के क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए अंतरराज्यीय यात्रा की सुविधा के लिए आदेश जारी किया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स के बाद देशभर के अलग-अलग हिस्सों में फंसे मजदूर, विद्यार्थी, पर्यटकों और मरीज आदि के लिए अपने-अपने घर जाने का रास्ता साफ हो गया, मगर ये खुद से नहीं जा सकेंगे, बल्कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लोगों को लाने-ले जाने की अनुमति दी है। 

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