लॉक डाउन- माहे रमज़ान का पहला जुमा, खामोशी के साथ गुजरा घरों पर कर रहे इबादत व रोजा इफ्तार दुनिया से कोरोना के खात्मे की दुआएं की जा रही हैं।

37
लॉक डाउन- माहे रमज़ान का पहला जुमा
  • कासगंज- मुबारक महीना माहे रमजान शुरू हो गया है आज माहे रमजान का पहला जुमा खामोशी के साथ गुजर गया आज लॉक डाउन की बजह से मस्जिदों में कोई इबादत नही हो रही है केवल पाचों बक्त की आजान ही होती है पिछली साल माहे रमजान के पहले जुमा की तैयारी लोगों को याद आने लगी रमजान माह में आने वाले जुमा के दिन मस्जिदों में काफी रौनक रहती थी आज कोबिड 19 कोरोना वायरस की बजह से लॉक डाउन में लोग अपने अपने घरों में कैद हैं।

इस मुबारक माहीने को मुस्लिम लोगों ने नमाज़, तिलावत, रोजा व तराबीह की नमाज़ में दिलो जान से लगकर घरों में अदा कर रहे हैं और दुनिया से कोरोना के खात्मे की दुआएं की जा रही हैं। रमजान के पाक महीने को नेक काम का महीना मान लिया है। लेकिन इस बार विश्वव्यापी कोरोना महामारी के चलते मुस्लिम समाज में पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही है। पहले सभी रोजेदार व नमाजी बराबर पांच वक्त मस्जिद में नमाज अदा करते थे। दिन भर रोजा रखने के बाद शाम को मग़रिब की नमाज़ के पहले रोजा इफ्तार के वक्त घरों से मस्जिदों में रोजेदारों के लिए विभिन्न पकवान पहुंचाता था। कुछ लोग घरों पर ही रोजा इफ्तार करते थे तो कुछ मस्जिदों में पहुंचकर रोजा खोलते थे, तो कहीं इफ्तार पार्टियों में लोग इकट्ठा हुआ करते। लेकिन इस बार कोरोना संकट व लॉक डाउन के चलते अब सभी रोजेदार अपने-अपने घरों पर ही परिवार के सदस्यों के साथ रोजा इफ़्तार व इबादत करते नजर आ रहे हैं।फोटो-1सहावर में रोजा अफ्तार करते हुए भाई।

लॉक डाउन-
माहे रमज़ान का पहला जुमा, खामोशी के साथ गुजरा

घरों पर कर रहे इबादत व रोजा इफ्तार

दुनिया से कोरोना के खात्मे की दुआएं की जा रही हैं।

कासगंज- मुबारक महीना माहे रमजान शुरू हो गया है आज माहे रमजान का पहला जुमा खामोशी के साथ गुजर गया आज लॉक डाउन की बजह से मस्जिदों में कोई इबादत नही हो रही है केवल पाचों बक्त की आजान ही होती है पिछली साल माहे रमजान के पहले जुमा की तैयारी लोगों को याद आने लगी रमजान माह में आने वाले जुमा के दिन मस्जिदों में काफी रौनक रहती थी आज कोबिड 19 कोरोना वायरस की बजह से लॉक डाउन में लोग अपने अपने घरों में कैद हैं। इस मुबारक माहीने को मुस्लिम लोगों ने नमाज़, तिलावत, रोजा व तराबीह की नमाज़ में दिलो जान से लगकर घरों में अदा कर रहे हैं और दुनिया से कोरोना के खात्मे की दुआएं की जा रही हैं। रमजान के पाक महीने को नेक काम का महीना मान लिया है। लेकिन इस बार विश्वव्यापी कोरोना महामारी के चलते मुस्लिम समाज में पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही है। पहले सभी रोजेदार व नमाजी बराबर पांच वक्त मस्जिद में नमाज अदा करते थे। दिन भर रोजा रखने के बाद शाम को मग़रिब की नमाज़ के पहले रोजा इफ्तार के वक्त घरों से मस्जिदों में रोजेदारों के लिए विभिन्न पकवान पहुंचाता था। कुछ लोग घरों पर ही रोजा इफ्तार करते थे तो कुछ मस्जिदों में पहुंचकर रोजा खोलते थे, तो कहीं इफ्तार पार्टियों में लोग इकट्ठा हुआ करते। लेकिन इस बार कोरोना संकट व लॉक डाउन के चलते अब सभी रोजेदार अपने-अपने घरों पर ही परिवार के सदस्यों के साथ रोजा इफ़्तार व इबादत करते नजर आ रहे हैं।फोटो-1सहावर में रोजा अफ्तार करते हुए भाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here