जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज 14,729 श्रमिकों ने किया मनरेगा कार्य।

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आज 314 ग्राम पंचायतों में 17,490 श्रमिकों
  • कासगंज: कोरोना वायरस कोविड-19 के दृष्टिगत लाॅकडाउन के कारण ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिये जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य संचालित हैं। जिससे ग्रामीण मजदूर अपने गांव मेें ही मेहनत करके रोजी रोटी कमाकर परिवार का भरणपोषण कर सकें। जो प्रवासी मजदूर आवश्यक जांच और कोरोन्टाइन अवधि के बाद आ रहे हैं, ऐसे इच्छुक मजदूरों को भी जाॅबकार्ड बनवाकर काम में लगाया जा रहा है। ताकि उनके सामने जीविकोपार्जन का संकट न रहे। आज जिले में 14,729 श्रमिकों ने मनरेगा कार्य किया।

मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र ने बताया कि जो मजदूर बाहर से आ रहे हैं आवश्यक जांच और क्चारेन्टाइन अवधि के बाद उनके ही गांवों मंे उन्हें राशनकार्ड व जाॅबकार्ड बनवाकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है, ताकि बाद में उनका शहरों की ओर पलायन रूक सके। सम्बन्धित कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु मनरेगा कार्य कराते समय ग्रामवासियों से सोशल डिस्टेंसिंक का अवश्य पालन करायें। सभी लोग मास्क या गमछा का अवश्य इस्तेमाल करें। मनरेगा के अंतर्गत गांवों के संपर्क मार्ग, तालाब खुदाई, गूलों की सफाई सहित शासन द्वारा अनुमोदित समस्त कार्य कराये जा रहे हैं।
डीसी मनरेगा अजय कुमार ने बताया कि मनरेगा कार्य कर रहे जाॅबकार्ड धारक श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी 201 रू0 प्रतिदिन की दर से आॅनलाइन उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया जाता है। जिससे श्रमिक अपने परिवार का भरणपोषण कर सकें।

जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज 14,729 श्रमिकों ने किया मनरेगा कार्य।
कासगंज: कोरोना वायरस कोविड-19 के दृष्टिगत लाॅकडाउन के कारण ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिये जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य संचालित हैं। जिससे ग्रामीण मजदूर अपने गांव मेें ही मेहनत करके रोजी रोटी कमाकर परिवार का भरणपोषण कर सकें। जो प्रवासी मजदूर आवश्यक जांच और कोरोन्टाइन अवधि के बाद आ रहे हैं, ऐसे इच्छुक मजदूरों को भी जाॅबकार्ड बनवाकर काम में लगाया जा रहा है। ताकि उनके सामने जीविकोपार्जन का संकट न रहे। आज जिले में 14,729 श्रमिकों ने मनरेगा कार्य किया।
मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र ने बताया कि जो मजदूर बाहर से आ रहे हैं आवश्यक जांच और क्चारेन्टाइन अवधि के बाद उनके ही गांवों मंे उन्हें राशनकार्ड व जाॅबकार्ड बनवाकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है, ताकि बाद में उनका शहरों की ओर पलायन रूक सके। सम्बन्धित कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु मनरेगा कार्य कराते समय ग्रामवासियों से सोशल डिस्टेंसिंक का अवश्य पालन करायें। सभी लोग मास्क या गमछा का अवश्य इस्तेमाल करें। मनरेगा के अंतर्गत गांवों के संपर्क मार्ग, तालाब खुदाई, गूलों की सफाई सहित शासन द्वारा अनुमोदित समस्त कार्य कराये जा रहे हैं।
डीसी मनरेगा अजय कुमार ने बताया कि मनरेगा कार्य कर रहे जाॅबकार्ड धारक श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी 201 रू0 प्रतिदिन की दर से आॅनलाइन उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया जाता है। जिससे श्रमिक अपने परिवार का भरणपोषण कर सकें।

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