आज 314 ग्राम पंचायतों में 17,490 श्रमिकों ने किया मनरेगा कार्य। 200 से अधिक प्रवासी मजदूरों को भी मिला कार्य।

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आज 314 ग्राम पंचायतों में 17,490 श्रमिकों
  • कासगंज: कोरोना वायरस कोविड-19 के दृष्टिगत लाॅकडाउन के कारण ग्रामीणों को रोजगार
  • देने के लिये आज सोमवार को जिले की 314 ग्राम पंचायतों में 17,490 श्रमिकों द्वारा भूमि सुधार, चकमार्ग, तालाब व गूलों की खुदाई, सफाई, वृक्षारोपण का मृदा कार्य सहित शासन द्वारा अनुमोदित समस्त मनरेगा कार्य कराये जा रहे हैं।

ताकि ग्रामीण मजदूर अपने गांव मेें ही मेहनत करके रोजी रोटी कमाकर परिवार का भरणपोषण कर सकें।
इसके साथ ही बाहर से आये कोरोन्टाइन अवधि पूरी कर चुके 200 से अधिक प्रवासी मजदूरों को भी जाॅबकार्ड बनवाकर मनरेगा कार्यों में लगाया गया है। जिससे उनके सामने जीविकोपार्जन का संकट न रहे। कोरोना वायरस से बचाव हेतु मनरेगा कार्यों के दौरान सभी लोगों द्वारा मास्क या गमछा का प्रयोग करने, हैण्डवाश व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को क्चारेन्टाइन अवधि के बाद उनके ही गांवों मंे उन्हें राशनकार्ड व जाॅबकार्ड बनवाकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है ताकि बाद में उनका शहरों की ओर पलायन रूक सके।
डीसी मनरेगा अजय कुमार ने आज ब्लाक कासगंज की ग्राम पंचायत मामों एवं हिम्मतपुर में मनरेगा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गतवर्ष लगाये गये पौधों की समुचित देखभाल व निराई गुड़ाई के लिये भी 125 स्थानों पर मनरेगा जाॅबकार्ड धारकों को लगाया गया है ताकि रोपित पौधे जीवित रह सकें। मनरेगा कार्य कर रहे जाॅबकार्ड धारकों को निर्धारित मजदूरी 201 रू0 प्रतिदिन की दर से बैंक खातों द्वारां भुगतान किया जा रहा है।

आज 314 ग्राम पंचायतों में 17,490 श्रमिकों ने किया मनरेगा कार्य।
200 से अधिक प्रवासी मजदूरों को भी मिला कार्य।
कासगंज: कोरोना वायरस कोविड-19 के दृष्टिगत लाॅकडाउन के कारण ग्रामीणों को रोजगार
देने के लिये आज सोमवार को जिले की 314 ग्राम पंचायतों में 17,490 श्रमिकों द्वारा भूमि सुधार, चकमार्ग, तालाब व गूलों की खुदाई, सफाई, वृक्षारोपण का मृदा कार्य सहित शासन द्वारा अनुमोदित समस्त मनरेगा कार्य कराये जा रहे हैं। ताकि ग्रामीण मजदूर अपने गांव मेें ही मेहनत करके रोजी रोटी कमाकर परिवार का भरणपोषण कर सकें।
इसके साथ ही बाहर से आये कोरोन्टाइन अवधि पूरी कर चुके 200 से अधिक प्रवासी मजदूरों को भी जाॅबकार्ड बनवाकर मनरेगा कार्यों में लगाया गया है। जिससे उनके सामने जीविकोपार्जन का संकट न रहे। कोरोना वायरस से बचाव हेतु मनरेगा कार्यों के दौरान सभी लोगों द्वारा मास्क या गमछा का प्रयोग करने, हैण्डवाश व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र ने बताया कि प्रवासी मजदूरों को क्चारेन्टाइन अवधि के बाद उनके ही गांवों मंे उन्हें राशनकार्ड व जाॅबकार्ड बनवाकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है ताकि बाद में उनका शहरों की ओर पलायन रूक सके।
डीसी मनरेगा अजय कुमार ने आज ब्लाक कासगंज की ग्राम पंचायत मामों एवं हिम्मतपुर में मनरेगा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गतवर्ष लगाये गये पौधों की समुचित देखभाल व निराई गुड़ाई के लिये भी 125 स्थानों पर मनरेगा जाॅबकार्ड धारकों को लगाया गया है ताकि रोपित पौधे जीवित रह सकें। मनरेगा कार्य कर रहे जाॅबकार्ड धारकों को निर्धारित मजदूरी 201 रू0 प्रतिदिन की दर से बैंक खातों द्वारां भुगतान किया जा रहा है।