मालगाड़ी की चपेट में आये 14 प्रवासी मजदूर, मौत

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मालगाड़ी की चपेट में आये 14 प्रवासी मजदूर
  • तेजस्विता उपाध्यया।। शुक्रवार की सुबह महाराष्ट्र में मालगाड़ी के चपेट मे आकर 14 प्रवासी मजदूरो की मौत हो गई।घटना मुंबई से 360 किलोमीटर दूर औरंगाबाद जिला स्थित करमाड की है। 17 मजदूर पटरी के सहारे जालना से भुसावल की ओर पैदल अपने घर (मध्य प्रदेश) लौट रहे थे। थकान की वजह से सभी मजदूर पटरी पर ही लेट गए।

सुबह सवा पांच बजे एक ट्रेन वहां से गुजरी। मजदूरों को संभलने का भी मौका नहीं मिला और सभी ट्रेन की चपेट में आ गए। पटरी पर मजदूरों के समान और रोटी बिखरी हुई मिली। रेलवे के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है मामले की जांच जारी है ।
रेलवे अधिकारी ने बताया की “करीब 14 लोगों की घटना में मौत हुई है और 2 घायल हैं” ।अधिकारी ने बताया कि तेलंगाना में चेरपल्ली से महाराष्ट्र के मनमाड के पास पानवाड़ी तक एक खाली पेट्रोलियम टैंकर गाड़ी जा रही थी “बदनापुर के स्टेशन से गुज़रने के बाद, लोकोपायलट ने कुछ लोगों को पटरी पर देखा और उसने ट्रेन नियंत्रित करने की कोशिश की और होर्न बजाया, लेकिन जब तक वह कर सकता था, तब तक बहुत देर हो चुकी थी,” दक्षिण केंद्रीय प्रवक्ता राकेश ने कहा। हादसे का शिकार हुए 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है। 5 लोग घायल हैं। औरंगाबाद के सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। पीएम ने ट्वीट किया, ‘महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं। रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से बात कर चुका हूं और वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।हर संभव मदद दी जा रही है।
1 मई से ही रेलवे ने असहाय व्यक्तियों को अपने मूल स्थान में लाने के लिए श्रामिक स्पेशल गाड़ियां चलानी शुरू कर दी हैं.गुरुवार तक रेलवे ने 201 शामिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं। लेकिन लोग इसके बावजूद भी पैदल यात्रा तय कर रहे हैं यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।काफी संख्या में लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर पैदल भी अपने राज्य लौट रहे हैं।

मालगाड़ी की चपेट में आये 14 प्रवासी मजदूर, मौत

तेजस्विता उपाध्यया।। शुक्रवार की सुबह महाराष्ट्र में मालगाड़ी के चपेट मे आकर 14 प्रवासी मजदूरो की मौत हो गई।घटना मुंबई से 360 किलोमीटर दूर औरंगाबाद जिला स्थित करमाड की है। 17 मजदूर पटरी के सहारे जालना से भुसावल की ओर पैदल अपने घर (मध्य प्रदेश) लौट रहे थे। थकान की वजह से सभी मजदूर पटरी पर ही लेट गए। सुबह सवा पांच बजे एक ट्रेन वहां से गुजरी। मजदूरों को संभलने का भी मौका नहीं मिला और सभी ट्रेन की चपेट में आ गए। पटरी पर मजदूरों के समान और रोटी बिखरी हुई मिली। रेलवे के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है मामले की जांच जारी है ।
रेलवे अधिकारी ने बताया की “करीब 14 लोगों की घटना में मौत हुई है और 2 घायल हैं” ।अधिकारी ने बताया कि तेलंगाना में चेरपल्ली से महाराष्ट्र के मनमाड के पास पानवाड़ी तक एक खाली पेट्रोलियम टैंकर गाड़ी जा रही थी “बदनापुर के स्टेशन से गुज़रने के बाद, लोकोपायलट ने कुछ लोगों को पटरी पर देखा और उसने ट्रेन नियंत्रित करने की कोशिश की और होर्न बजाया, लेकिन जब तक वह कर सकता था, तब तक बहुत देर हो चुकी थी,” दक्षिण केंद्रीय प्रवक्ता राकेश ने कहा। हादसे का शिकार हुए 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है। 5 लोग घायल हैं। औरंगाबाद के सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। पीएम ने ट्वीट किया, ‘महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं। रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से बात कर चुका हूं और वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।हर संभव मदद दी जा रही है।
1 मई से ही रेलवे ने असहाय व्यक्तियों को अपने मूल स्थान में लाने के लिए श्रामिक स्पेशल गाड़ियां चलानी शुरू कर दी हैं.गुरुवार तक रेलवे ने 201 शामिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं। लेकिन लोग इसके बावजूद भी पैदल यात्रा तय कर रहे हैं यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।काफी संख्या में लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर पैदल भी अपने राज्य लौट रहे हैं।