• मारहरा- एटा प्रेेसक्बल की मारहरा इकाई द्वारा शनिवार को राधा नंदन विद्या एकेडमी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें बीते दिनों आगरा के वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के कोरोना संक्रमण के चलते हुए आकस्मिक निधन पर शोक जताया गया।

सभा को सम्बोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष अमित सक्सैना ने कहा, कि मौजूदा दौर में मीडियाकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकारिता धर्म निभा रहे हैं, बाबजूद इसके उन्हे तमाम सरकारी उपेक्षाओं का शिकार होना पड़ रहा है।
महासचिव चैधरी एनपीसिंह ने कहा, कि बिना मीडिया के सरकारी तंत्र शून्य है। वह जरूरत पड़ने पर और अपने प्रचार प्रसार के लिए ही मीडिया को पूंछता है। उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कभी नहीं सोचता।
मौहम्मद आमिल ने कहा, कि कोरोना महामारी के चलते कई पत्रकार बंधु अपनी जान गंवा बैठे हैं, तो कई अभी इसके संक्रमण से जूझ रहे हैं। उनकी सेहत और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मयूर गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के समय में संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले पत्रकारों को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।
सचिव पुष्पेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों व सफाईकर्मियों को कोरोना योद्धा कहकर सुख सुविधा मुहैया करा रही है, लेकिन पत्रकारों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कोषाध्यक्ष अजय यादव ने दिवंगत पत्रकार के परिजनों को कम से कम 50 लाख की आर्थिक मदद एंव एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की। इस दौरान सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो मिनट का सामूहिक मौन धारण कर, पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सन्गठन सदस्य शोएब कादरी एवं तिलकेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।

मारहरा में प्रेसक्बल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

मारहरा- एटा प्रेेसक्बल की मारहरा इकाई द्वारा शनिवार को राधा नंदन विद्या एकेडमी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें बीते दिनों आगरा के वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के कोरोना संक्रमण के चलते हुए आकस्मिक निधन पर शोक जताया गया।
सभा को सम्बोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष अमित सक्सैना ने कहा, कि मौजूदा दौर में मीडियाकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकारिता धर्म निभा रहे हैं, बाबजूद इसके उन्हे तमाम सरकारी उपेक्षाओं का शिकार होना पड़ रहा है।
महासचिव चैधरी एनपीसिंह ने कहा, कि बिना मीडिया के सरकारी तंत्र शून्य है। वह जरूरत पड़ने पर और अपने प्रचार प्रसार के लिए ही मीडिया को पूंछता है। उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कभी नहीं सोचता।
मौहम्मद आमिल ने कहा, कि कोरोना महामारी के चलते कई पत्रकार बंधु अपनी जान गंवा बैठे हैं, तो कई अभी इसके संक्रमण से जूझ रहे हैं। उनकी सेहत और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मयूर गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के समय में संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले पत्रकारों को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।
सचिव पुष्पेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों व सफाईकर्मियों को कोरोना योद्धा कहकर सुख सुविधा मुहैया करा रही है, लेकिन पत्रकारों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कोषाध्यक्ष अजय यादव ने दिवंगत पत्रकार के परिजनों को कम से कम 50 लाख की आर्थिक मदद एंव एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की। इस दौरान सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दो मिनट का सामूहिक मौन धारण कर, पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सन्गठन सदस्य शोएब कादरी एवं तिलकेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।

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