जन्म देते ही मां-बेटे के बीच आ गया वायरस

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जन्म देते ही मां-बेटे के बीच आ गया वायरस
जन्म देते ही मां-बेटे के बीच आ गया वायरस
  • बानसूर राजस्थान बानसूर तहसील की एक 28 वर्षीय प्रेग्नेंट महिला को लेबर पेन होने पर 6 जून को बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने सीजेरियन
  • डिलिवरी कराई। महिला ने बेटे को जन्म दिया। डिलिवरी के बाद महिला का कोविड सैंपल लिया गया। हालांकि महिला के कोई कोरोना लक्षण नहीं थे, लेकिन रिपोर्ट
  • पॉजिटिव मिलने पर उसे गायनी वार्ड से कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया। महिला के सभी परिजनों तथा डिलिवरी के समय उपस्थित चिकित्साकर्मियों सहित नवजात के
  • कोविड सैंपल भी जांच के लिए जयपुर भेजे गए जिनकी रिपोर्ट निगेटिव मिली।

बानसूर राजस्थान बानसूर तहसील की एक 28 वर्षीय प्रेग्नेंट महिला को लेबर पेन होने पर 6 जून को बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने सीजेरियन डिलिवरी कराई। महिला ने बेटे को जन्म दिया। डिलिवरी के बाद महिला का कोविड सैंपल लिया गया। हालांकि महिला के कोई कोरोना लक्षण नहीं थे, लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उसे गायनी वार्ड से कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया। महिला के सभी परिजनों तथा डिलिवरी के समय उपस्थित चिकित्साकर्मियों सहित नवजात के कोविड सैंपल भी जांच के लिए जयपुर भेजे गए जिनकी रिपोर्ट निगेटिव मिली।

नन्हीं जान को पांच दिन तक नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई में रखा गया। इसके बाद उसे कोविड वार्ड में उसकी मां के पास अलग बेड लगाकर शिफ्ट कर दिया गया। गायनी डॉ. सतीश अग्रवाल ने बताया कि महिला स्वस्थ है। उसमें कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे थे बावजूद जांच में वह पॉजीटिव मिली। डॉ यादव ने बताया कि मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम आहार है। मां को हाथों में ग्लव्ज व मास्क लगाकर विशेष सावधानी बरतते हुए नवजात को दूध पिलाने को कह दिया गया है।

मोक्षी खंडेलवाल