देश के भावी भविष्य भी दे रहे हैं योग से निरोग रहने पर जोर

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देश के भावी भविष्य भी दे रहे हैं योग से निरोग
देश के भावी भविष्य भी दे रहे हैं योग से निरोग

देश के भावी भविष्य भी दे रहे हैं योग से निरोग रहने पर जोर

दुनियाभर में कोरोना वायरस (COVID-19) संकट के बीच आज आंतरारष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। कोरोनाकाल के कारण लोग ने सामूहिक योग करने से दुरी बनायी लेकिन योग दिवस पर पुरे देश ने अपने अपने घरों पर योग कर संकट से लड़ने के लिए एकरूपता दिखायी ।
योग दिवस के दिन देश के हर श्रेणी के लोगों ने योग से निरोग रहने पर जोर दिया ऐसे में वराणसी के पांच वर्षीय ऋषिक अरोड़ा ने भी योग कर “योग से निरोग” रहने पर अपना योगदान दिया। ऋषिक अपने सिगरा स्थित घर पर ही योग के अनेको आसन प्रतिदिन करते हैं और नन्हा योगी का मानना है कि ये योग कर के मन और तन से सबसे ताकतवर बन सकते हैं। ऋषिक की माँ रितिका अरोड़ा का कहना है कि “आज के समय में लोगो में बहुत कॉम्पटिशन बढ़ चुका है जिसके कारण बच्चो पर छोटी उम्र में ही मानसिक तनाव हावि हो जाता है इसलिए मैं अपने बेटे ( ऋषिक अरोड़ा) को भविष्य के लिए अभी से तैयार कर रहीं हूं ताकी योग साधना से आज के भीड़ भाड़ दुनिया मे वह अपने अंतर मन को सुने और अपना जीवन अपने मूल्यों पर जिये ” साथ ही उन्होने स्वस्थ मन में स्वस्थ शरीर के निवास का भी नारा लगाया।।
कहा जाता है कि मां अपने बच्चे को कभी बीमार नहीं देख सकती। वह हमेशा चाहती है कि उसका बच्चा स्वास्थ और चुस्त रहे। सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि दिमाग से भी वह तेज बने। योग एक ऐसा तरीका है, जिसका हर एक छोटा आसन भी बच्चे के शरीर पर प्रभाव डालता है। किसी भी समय कर लेने वाला योग हफ्ते में अगर चार दिन भी आपका बच्चा करे, तो उसके शरीर को स्वस्थ रखने के लिए काफी है।

तेजस्विता उपाध्याय

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