चौविस घण्टे से लाल निशान पर स्थिर घाघरा बाढ़ और बरसात से बेहाल किसान

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चौविस घण्टे से लाल निशान पर स्थिर घाघरा
चौविस घण्टे से लाल निशान पर स्थिर घाघरा

चौविस घण्टे से लाल निशान पर स्थिर घाघरा
बाढ़ और बरसात से बेहाल किसान
दोहरीघाट। चौविस घण्टे से लाल निशान पर घाघरा का जलस्तर स्थिर होने से जहाँ तटवर्ती इलाके के लोगों की नींदे हराम हो गयी है वही एक बार फिर बाढ़ का खौफ किसानों को सताने लगा है इधर जानकारो का मानना है कि जलस्तर स्थिर होने के बाद तेजी से बढता है वही सिंचाई विभाग ने भी बाढ़ से निपटने के लिये पुरी तैयारी कर लिये हैं।
घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 69: 90 मीटर पर चौविस घण्टे से स्थिर है। जलस्तर खतरा विन्दु पर पहुँचने से जहाँ श्मशान घाट गौरीशंकर घाट पर शव जलाने वाली सभी सीढियां बाढ़ के पानी में डुबकर गयी हैं ।लोग शवों को ऊपर जलाने लगें है जबकि गौरीशंकर श्मशान घाट पर प्रति दिन करीब 40 से 50 शव जलने के लिये आ रहे है जिससे घाट पर भारी भीड़ उमड़ रही है जो घाट पर जाम की स्थिति हो जा रही है।वही भारत माता मन्दिर खाकी बाबा की कुटी तक एक बार नदी फिर बैकरोलिग कर रही है जिससे कटान का खतरा बढ़ गया श्मशान घाट के दक्षिणी छोर पर नदी सीधे आकर टकरा रही जिससे भयंकर ध्वनि निकली जिसे देख लोगों के रोगटे खड़े हो जा रहें है वही नदी का जलस्तर बढ़ने से जहाँ बन्धो पर लगे रेगूलेटर बन्द कर दिये गये है जिससे किसानों के चिऊटीडाड़ से लेकर नवली सरहरा बीबीपुर गौरीडीह कोरौली बेलौली उसरा कोरौली बेलौली उसरा समेत आदि गावों के किसानों की धान की लहलहा ती सैकड़ो एकड़ फसलें बरसात के पानी में डुबकर बर्बाद हो रही है किसान चारों तरफ से मारे जा रहे हैं जिन्हें भयंकर नुकसान हो रहा है इनके बाढ व बरसात दोनों कहर बनकर टुट गयें हैं।

 

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